Budget 2024-25
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने 23 जुलाई 2024 को वित्त वर्ष Budget 2024-25 का आम बजट पेश किया हैं। यह उनका लगातार सातवाँ बजट है, जिसमें आर्थिक नीतियों, सरकारी योजनाओं और वित्तीय प्रावधानों पर विशेष जोर दिया गया है। इस बजट में कुल व्यय ₹48,20,512 करोड़ और पूंजीगत व्यय ₹11,11,111 करोड़ होने का अनुमान है। इसमें कृषि, रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, एमएसएमई, और मध्यम वर्ग के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई है।
Budget 2024-25 में ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए चार मुख्य जातियों – ‘अन्नदाता’, ‘गरीब’, ‘युवा’ और ‘महिलाएं’ पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, कृषि में उत्पादकता बढ़ाने, जलवायु अनुकूल किस्मों के विकास, सब्जी उत्पादन, और आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की गई है।
ग्रामीण विकास के लिए 2.66 लाख करोड़ रूपये का प्रावधान किया है, तोह वहीँ कृषि क्षेत्र के लिए 1.52 लाख करोड़ रूपये आवंटित किये गए हैं.
स्टार्टअप को बढावा देने के लिए प्रत्येक श्रेणी में एंजल निवेशक कर (TAX) को समाप्त कर दिया गया हैं.
कैपिटल गेन टैक्स को सरल बनाया गया हैं. परन्तु सिक्युरिटी ट्रांजेक्सन टैक्स को बढ़ा दिया गया हैं
रोजगार और कौशल प्रशिक्षण के लिए प्रधानमंत्री पैकेज के तहत युवाओं को नई योजनाओं का लाभ मिलेगा। सामाजिक न्याय और समावेशी मानव संसाधन विकास के तहत पूर्वी क्षेत्र के प्राकृतिक निधि संपन्न राज्यों के लिए योजनाएं, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, और महिलाओं व बालिकाओं के लाभार्थ योजनाओं के लिए ₹3 लाख करोड़ से अधिक आवंटन किया गया है।
विनिर्माण और सेवाओं में एमएसएमई के लिए ऋण गारंटी योजना, ट्रेड्स में अनिवार्य ऑनबोर्डिंग, और मुद्रा ऋण की सीमा को बढ़ाने की पहल की गई है। शहरी विकास के तहत स्टाम्प ड्यूटी कम करने, साप्ताहिक हाट विकसित करने, और जल प्रबंधन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए नाभिकीय ऊर्जा, पम्प्ड स्टोरेज पॉलिसी, और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की घोषणा की गई है। इसके अलावा, अवसंरचना के लिए ₹11,11,111 करोड़ का प्रावधान, ग्रामीण बसावटों को सड़क संपर्क, सिंचाई एवं बाढ़ उपशमन परियोजनाओं के लिए सहायता दी जाएगी।
Budget 2024-25 बजट में पर्यटन के विकास, नवप्रवर्तन और अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय अनुसंधान निधि, और ग्रामीण एवं शहरी भूमि संबंधी कार्यों के लिए नई योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इसके साथ ही, एफडीआई को सरल करने, ओवरसीज निवेश के लिए भारतीय रुपए का उपयोग बढ़ाने, और जलवायु वित्तपोषण के लिए टैक्सोनॉमी की पहल की गई है।
Budget 2024-25 में प्रमुख मदों के लिए व्यय के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- रक्षा के लिए ₹4,54,773 करोड़,
- ग्रामीण विकास के लिए ₹2,65,808 करोड़,
- कृषि के लिए ₹1,51,851 करोड़,
- गृह मंत्रालय के लिए ₹1,50,983 करोड़,
- शिक्षा के लिए ₹1,25,638 करोड़,
- सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार के लिए ₹1,16,342 करोड़,
- स्वास्थ्य के लिए ₹89,287 करोड़,
- ऊर्जा के लिए ₹68,769 करोड़,
- समाज कल्याण के लिए ₹56,501 करोड़,
- वाणिज्य एवं उद्योग के लिए ₹47,559 करोड़।
वित्त मंत्री सीतारमण ने नई कर व्यवस्था के तहत कर ढांचे में संशोधन किया।
आयकर स्लैब:
- ₹0- ₹3 लाख – शून्य;
- ₹3-7 लाख – 5%;
- ₹7-10 लाख – 10%;
- ₹10-12 लाख – 15%;
- 12-15 लाख – 20%;
- ₹15 लाख से ऊपर – 30%
विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बजट 2024-2025 में नौ प्राथमिकताएँ पर बल दिया गया हैं.
- कृषि में उत्पादकता और अनुकूलता
- रोजगार औरकौसल प्रशिक्षण
- समावेशी मानव संसाधन विकास व सामाजिक न्याय
- विनिर्माण एवं सेवायें
- शहरी विकास
- ऊर्जा सुरक्षा
- अवसंरचना
- नवाचार, अनुसंधान व विकास
- अगली पीढ़ी के सुधार
कृषि में उत्पादकता और अनुकूलता
- किसानों की लिए कृषि की 32 और बागवानी की 109 उच्च पैदावार वाली एवं जलवायु अनुकूल नई किस्मों का विकास किया जायेंगा.
- प्राकृतिक कृषि को बढ़ाने के लिए आगामी दो वर्षों में एक करोड़ को प्रमाण पत्र व ब्रांडिंग व्यवस्था के साथ सहायता प्रदान कीजायेगी ईवा इसके साथ 10000 जरूरत के आधार पर जैवआदानसंसाधन केंद्र विकसित किया जायेंगें.
- दलहनों एवं तिलहनों के उत्पादन, भण्डारण और विपणन को मुदृढ़ बनाकर आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उद्देश्य में एक कार्यनीति बनायी जायेगी.
- सब्जी उत्पादन और उसकी आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने हेतु उपज के संग्रहण, भण्डारण और विपणन के लिये किमान उत्पादक संगठनों (FPO’S). सहकारी समितियों तथा स्टार्ट-अप को बढावा दिया जायेगा।
- वृहद पैमाने पर सब्जी उत्पादन क्लस्टरों का विकास किया जायेगा।
- कृषि में डिजिटल सार्वजनिक अवयंरचना (DPI) को प्रोत्साहन दिया जायेगा जिसमें 400 जिलों में खरीफ फसलों का डिजिटल सर्वेक्षण, 6 करोड़ किसानों की जमीन का डिजिटल ब्यौरा तथा 5 राज्यों में जन-सामर्थ्य हेतु किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया जाना शामिन्न है।
- झींगा उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात के लिये नाबार्ड के माध्यम से वित्तपोषण की सुविधा तथा झींगा बूट-स्टॉक्स के लिये न्यूक्लियस ब्रीडिंग केन्द्री का नेटवर्क स्थापित करने के लिये वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।
रोजगार एवं कौशल प्रशिक्षण
- सभी संगठित क्षेत्रों अर्थात् औपचारिक क्षेत्रों (Formal Sector) में पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले को 3 किस्तों में 15000 रुपये तक 1 माह का वेतन दिया जायेगा।
- आगामी 5 वर्षों में 20 लाख युवाओं को कौसल का प्रशिक्षण एवं हब व स्पोक मॉडल में 1000 औधोगिक प्रशिक्षण संस्थानों का विकास किया जाएगा.
समावेशी मानव संशाधन विकास व सामाजिक न्याय
- इसका उद्देश्य PM विश्वकर्मा, PM स्वनिधि, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, और स्टैंड-अप-इंडिया जैसी योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाना हैं.
- भरता के पूर्वी क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए पूर्वोदय नामक योजना लाई जायेगी, यह योजना बिहार , झारखण्ड,पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आन्ध्र प्रदेश की लिए होगी.
- गया (बिहार) में औधोगिक केंद्र का विकास किया जाएगा जिसमें “विकास और विरासत” एक साथ दिखाई देगा.
- इसके साथ ही साथ बिहार में बुनियादी अवसंरचना का विकास के लिए 26000 करोड़ रूपये की लागत से पटना-पूर्णियां एवं बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे तथा विभिन्न सड़क परियोजनाएं और 21400 करोड़ की लागत से विद्युत् प्रोजेक्ट के लिए निवेश किया जाएगा.
- आंध्रप्रदेश की राजधानी अमरावती के विकास के लिए 15000 करोड़ रूपये उपलब्ध कराया जाएगा.
- आन्ध्रप्रदेश में गोदावरी नदी पर स्थित बहुउदेशीय पोलावरम सिंचाई परियोजना को पूरा किया जाएगा.
- विशाखापतनम-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारें के आर्थिक विकास के लिए पूंजी प्रदान की जायेंगी.
- प्रधानमंत्री आवास योजना’ में तीन करोड़ अतिरिक्त मकान बनाया जाएगा.
- पूर्वोतर भारत में “भारतीय डाक भुगतान बैंक” का 100 से अधिक शाखाएं खोली जायेंगीं.
- जनजातीय समुदायों की आर्थिक -सामाजिक स्थिति में सुधार करने के लिए ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान” शुरू की जायेंगी. इस योजना से 63000 ग्रामों के 5 करोड़ जनजातीय लोगों को लाभ मिलेगा.
विनिर्माण एवं सेवाएँ
- मुद्रा योजना के तहत तरुण श्रेणी में ऋण सीमा को 10लाख से बढ़ा कर 20 लाख रूपये किया गया हैं.
- विनिर्माण क्षेत्र में MSME के लिए ऋण गारंटी योजना के तहत आवधिक ऋण की सुविधा प्रदान की जायेंगी.
- 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर के लिए एक योजना शुरू की जायेंगीं, इस योजना में 5000 रूपये प्रतिमाह का इंटर्नशिप भत्ता व 12 महीनें पर इंटर्नशिप पूरी होने पर 6000 रूपये की एक मुफ्त सहायता प्रदान की जायेंगी.
- राष्ट्रीय औद्योगिक कोरिडोर विकास कार्यक्रम के तहत 12 औद्योगिक पार्कों को मंजूरी दी जायेंगी.
- शहरी विकास
उर्जा सुरक्षा
- PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 1 करोड़ घरों में प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जायेंगी.
- अन्तरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए 1000 करोड़ का वेंचर कैपिटल फण्ड तैयार किया जाएगा.
अगली पीढ़ी के सुधार
- भू-अभिलेखों को डिजिटल किया जाएगा.
अवसंरचना
- काशी विश्वनाथ मंदिर कोरिडोर मॉडल पर बिहार के विष्णुपद मंदिर तथा महाबोधि मंदिर में कोरिडोर का विकास किया जाएगा.
- राजगीर और नालन्दा को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा.
नवाचार, अनुसंधान और विकास
- निजी क्षेत्र के द्वारा 1 लाख करोड़ के वितीय पुल के विकास के लिए ‘राष्ट्रीय अनुसंधान निधि’ शुरू की जायेंगी.
- नई पेंशन योजना की समीक्षा की जायेंगी.
बजट घाटा
2024-25 में राजस्व घाटा 5,80,201 करोड़ रूपये रहने का अनुमान हैं, यह सकल घरेलु उत्पाद (GDP) का 1.8 % होगा.
राजकोषीय घाटा
2024-25 में राजकोषीय घाटा 16,13,312 करोड़ रूपये अनुमानित हैं, जो GDP का 4.9% होगा.