Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट में कर सुधार, सरकारी योजनाएं, बुनियादी ढांचा निवेश, MSME को समर्थन, विनिर्माण को बढ़ावा और विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवंटन से जुड़ी घोषणाएं की जा रही हैं, जिनका सीधा असर आम नागरिकों, कारोबारियों और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों पर पड़ेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। यह बजट ऐतिहासिक है क्योंकि पहली बार केंद्रीय बजट रविवार को प्रस्तुत किया जा रहा है। बजट भाषण से पहले आज सुबह प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बजट प्रस्तावों को मंजूरी दी।
बजट 2026: कर, अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेक्टर-वाइज प्रमुख घोषणाएं
रक्षा
- भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वार्षिक रक्षा उत्पादन पहली बार ₹1.3 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की प्रगति को दर्शाता है।
- पिछले एक दशक में रक्षा निर्यात में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2015 में जहाँ यह ₹2,000 करोड़ से भी कम था, वहीं वित्त वर्ष 2025 में यह ₹21,000 करोड़ से अधिक पहुँच गया है। यह वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की बढ़ती भागीदारी और भारतीय रक्षा उत्पादों की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
- पिछले केंद्रीय बजट में रक्षा बजट का कुल प्रावधान लगभग ₹6.81 लाख करोड़ रखा गया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 9.5% की वृद्धि को दर्शाता है। बजट में यह निरंतर बढ़ोतरी सैन्य आधुनिकीकरण, परिचालन तैयारी और रणनीतिक क्षमता को मजबूत करने पर सरकार के फोकस को रेखांकित करती है।
- रक्षा खरीद में भी एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव देखने को मिला है। अब 65% से अधिक रक्षा खरीद घरेलू कंपनियों से की जा रही है, जिससे स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा मिला है और देश में रक्षा प्रौद्योगिकी का विकास तेज़ हुआ है।
- इसके साथ ही, रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भूमिका भी बढ़ी है। वर्तमान में निजी कंपनियाँ कुल रक्षा उत्पादन का लगभग 23% योगदान दे रही हैं, जो इस क्षेत्र में भारतीय निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
- आगे की ओर देखते हुए, भारत ने वर्ष 2029 तक ₹3 लाख करोड़ के रक्षा उत्पादन और ₹50,000 करोड़ के रक्षा निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका उद्देश्य भारत को एक प्रमुख वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
- ये सभी प्रगति रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भारत की मजबूत होती स्थिति, निर्यात में वृद्धि और निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाती हैं।
- व्यय के मोर्चे पर, रक्षा से संबंधित पूंजीगत व्यय के ₹1.8 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.3 लाख करोड़ होने का अनुमान है, जैसा कि ब्लूमबर्ग के अनुमानों में बताया गया है। यह सैन्य उपकरणों और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर निरंतर निवेश का संकेत देता है।
- हालाँकि, BMI द्वारा उद्धृत आँकड़ों के अनुसार, कुल केंद्रीय सरकारी व्यय में रक्षा खर्च का अनुपात वर्ष 2020 के बाद से लगभग स्थिर बना हुआ है, जबकि 2018 से 2020 के बीच इसमें तेज़ गिरावट देखी गई थी। इसका अर्थ यह है कि यद्यपि रक्षा बजट में वास्तविक रूप से वृद्धि हो रही है, लेकिन कुल सरकारी व्यय में इसका हिस्सा उल्लेखनीय रूप से नहीं बढ़ा है।
🔹 कर व्यवस्था और विदेशी निवेश सुधार
सरकार ने बॉन्डेड ज़ोन से पूंजीगत वस्तुओं और संबंधित सेवाओं की आपूर्ति करने वाले गैर-निवासियों को आयकर छूट देने का प्रस्ताव किया है। इसका उद्देश्य वैश्विक विनिर्माण कंपनियों को भारत के ट्रेड और मैन्युफैक्चरिंग हब्स की ओर आकर्षित करना है।
कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए, बॉन्डेड वेयरहाउस में काम करने वाले गैर-निवासियों पर 2% की फिक्स्ड प्रॉफिट मार्जिन के साथ सेफ हार्बर टैक्सेशन लागू किया जाएगा, जिससे कर विवादों में कमी आएगी।
डिजिटल अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा देते हुए, भारत में स्थित डेटा सेंटर्स का उपयोग करने वाली विदेशी क्लाउड सेवा कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे दिया जाएगा। इससे बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर निवेश को गति मिलने की उम्मीद है।
आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर अप्रूवल प्रक्रिया को ऑटोमेट किया जाएगा। सॉफ्टवेयर सेवाएं, KPO, सोर्सिंग और कॉन्ट्रैक्ट R&D जैसी सेवाओं को मिलाकर एक नई श्रेणी “सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएं” बनाई जाएगी, जिस पर एक समान सेफ हार्बर मार्जिन लागू होगा।
🔹 आयकर सरलीकरण और राहत उपाय
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म्स को सरल और यूज़र-फ्रेंडली बनाया जाएगा, ताकि टैक्स फाइलिंग आसान हो।
मुख्य राहत उपाय:
- विदेशी टूर पैकेज पर TCS घटाकर 2%, न्यूनतम सीमा समाप्त
- LRS के तहत विदेशी शिक्षा और मेडिकल खर्च पर TCS 5% से घटाकर 2%
- मैनपावर सेवाओं पर TDS को 1–2% के बीच तर्कसंगत किया गया
- छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित ऑटोमैटिक कंप्लायंस स्कीम
- मामूली शुल्क के साथ ITR संशोधन के लिए अतिरिक्त समय
- ITR-1 और ITR-2 की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक बढ़ाई गई
NRIs के लिए बड़ी राहत: प्रॉपर्टी बिक्री पर TDS की कटौती और जमा अब रेज़िडेंट खरीदार करेंगे, जिससे अनुपालन आसान होगा।
🔹 विदेशी संपत्ति खुलासा और अपराध-मुक्तिकरण
- सरकार ने एक बार की 6 महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना की घोषणा की है:
श्रेणी A: ₹1 करोड़ तक की अघोषित विदेशी संपत्ति/आय
श्रेणी B: ₹5 करोड़ तक की अघोषित संपत्ति, जहां खुलासा और भुगतान पर अभियोजन से छूट मिलेगी
- ₹20 लाख से कम मूल्य की गैर-अचल विदेशी संपत्ति के गैर-खुलासे पर कोई जुर्माना या मुकदमा नहीं होगा।
नया आयकर अधिनियम (1 अप्रैल 2026 से लागू):
- दस्तावेज़ न देने जैसे छोटे अपराध अपराध की श्रेणी से बाहर
- छोटी प्रक्रियात्मक चूक पर जुर्माने की जगह शुल्क
- गंभीर कर चोरी पर ही अभियोजन केंद्रित
🔹 राजकोषीय स्थिति और सरकारी वित्त
- सकल बाज़ार उधारी: ₹17.2 लाख करोड़
- नेट घरेलू राजस्व (FY27): ₹36.5 लाख करोड़
- कुल व्यय (FY27): ₹53.5 लाख करोड़
- राजकोषीय घाटा (FY26): GDP का 4.4%
- ऋण-GDP अनुपात (FY27 BE): 55.6%
सरकार ने स्पष्ट किया कि कल्याणकारी खर्च में कटौती किए बिना राजकोषीय अनुशासन बनाए रखा जाएगा। राज्यों को केंद्रीय करों में 41% हिस्सा मिलेगा और FY27 में ₹1.4 लाख करोड़ का हस्तांतरण होगा।
🔹 इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन और शहरी विकास
- ईस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की शुरुआत दुर्गापुर से
- शहरी हरित परिवहन के लिए 4,000 इलेक्ट्रिक बसें
7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, जिनमें शामिल:
- मुंबई–पुणे
- हैदराबाद–बेंगलुरु
- चेन्नई–बेंगलुरु
- दिल्ली–वाराणसी
- वाराणसी–सिलीगुड़ी
टियर-2 और टियर-3 शहरों को प्रत्येक ₹5,000 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट।
🔹 कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण
- ग्रामीण महिला उद्यमों के लिए ‘SHE (Support for Her Enterprise)’ मार्क
- काजू और नारियल के निर्यात को वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य (2032 तक)
- भारतीय चंदन पारिस्थितिकी तंत्र का पुनरुद्धार
- ‘भारत विस्तार’ – AI आधारित बहुभाषी कृषि सलाह प्लेटफॉर्म
- प्लांटेशन फसलों के किसानों को आय समर्थन
🔹 मत्स्य, पशुपालन और खेल
- तटीय मत्स्य मूल्य श्रृंखला और FFPOs को मज़बूती
- डेयरी, पोल्ट्री और पशुपालन के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी
- खेलो इंडिया मिशन का विस्तार
- पहला अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन भारत में
🔹 शिक्षा, कौशल और क्रिएटिव इकोनॉमी
- औद्योगिक कॉरिडोर के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप
- STEM में लड़कियों के लिए कैपिटल सपोर्ट
- पूर्वी भारत में नया इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन
- भारतीय क्रिएटिव टेक्नोलॉजी संस्थान (AVGC)
- 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC लैब
- 20,000 से अधिक वेटनरी प्रोफेशनल्स का प्रशिक्षण
स्वास्थ्य और बायो-फार्मा
- बायोफार्मा सेक्टर में ₹10,000 करोड़ निवेश (5 वर्ष)
- 1.5 लाख केयरगिवर्स का प्रशिक्षण
- PPP मॉडल पर 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब
- 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
- AYUSH फार्मेसी और लैब का उन्नयन
- NIMHANS-2 और जिला ट्रॉमा केयर का विस्तार
🔹 वित्तीय क्षेत्र और पूंजी बाज़ार
- PROIs निवेश सीमा 5% से बढ़ाकर 10%
- MSMEs के लिए बॉन्ड सपोर्ट जारी
- म्यूनिसिपल बॉन्ड को ₹100 करोड़ का समर्थन
- कॉरपोरेट बॉन्ड के लिए मार्केट-मेकिंग फ्रेमवर्क
- विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमों की समीक्षा
- बैंकिंग सुधार और ‘विकसित भारत’ रोडमैप पर उच्च-स्तरीय समितियां
🕒Union Budget 2026: Key Updates
- वित्त मंत्री ने डानकुनी (पश्चिम बंगाल) और सूरत (गुजरात) को जोड़ने वाले नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के विकास की घोषणा की। इससे माल परिवहन दक्षता बढ़ेगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।
- अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे, जिससे सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल कार्गो परिवहन बढ़ावा मिलेगा।
- चयनित प्रशिक्षण संस्थानों को जलमार्ग क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय मानव संसाधन विकास केंद्र के रूप में उन्नत किया जाएगा।
- वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे आंतरिक जलमार्ग अवसंरचना और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
- कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम के जरिए सड़क और रेल से माल ढुलाई को जलमार्गों की ओर स्थानांतरित किया जाएगा।
- वित्त मंत्री ने भारत की स्थिर आर्थिक स्थिति को दोहराया और FRBM अधिनियम, 2003 के तहत दो वक्तव्य संसद में रखे।
- बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए तेज़ क्रेडिट गारंटी उपलब्ध कराने हेतु Infrastructure Risk Guarantee Fund की स्थापना की जाएगी।
- सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (Capex) ₹12.2 लाख करोड़ प्रस्तावित किया गया।
- 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में शहरी बुनियादी ढांचे पर विशेष फोकस रहेगा।
- ICAI और ICMAI के सहयोग से टियर-2 और टियर-3 शहरों में “कॉरपोरेट मित्र” तैयार करने के लिए अल्पकालिक मॉड्यूलर कोर्स शुरू किए जाएंगे।
🕒 बजट 2026: Key Updates
- सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया।
- कैपेक्स में बीते वर्षों में बड़ा इजाफा हुआ है—पहले ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर BE 2025-26 में ₹11.2 लाख करोड़।
- छोटे व्यवसायों के लिए ऋण सुलभ बनाने हेतु नई क्रेडिट गारंटी व्यवस्था लाई जाएगी।
- “Creating Champion SMEs” पहल के तहत 200 पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टर्स का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
- Self-Reliant India Fund में ₹2,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि दी जाएगी।
- MSMEs के लिए तेज़ भुगतान और बेहतर लिक्विडिटी सुनिश्चित करने हेतु ट्रांजैक्शन सेटलमेंट प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा।
🕒 बजट 2026: प्रमुख अपडेट्स
- खेल जूतों के लिए विशेष विनिर्माण इकाई और खेल सामान क्षेत्र के लिए नई पहल की घोषणा।
- मेगा टेक्सटाइल पार्क्स स्थापित किए जाएंगे।
- रोजगार सृजन के लिए टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम।
- राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम से कारीगरों को समर्थन।
- महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा।
- रेशम और ऊन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हेतु राष्ट्रीय फाइबर योजना।
- ओडिशा, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।
🕒 Union Budget 2026
- राज्यों को प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर तीन केमिकल पार्क स्थापित करने में सहायता।
- पूंजीगत वस्तु विनिर्माण, विशेषकर कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों पर ज़ोर।
- ₹10,000 करोड़ की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना।
- क्षेत्रीय औद्योगिक विकास हेतु REM कॉरिडोर।
- इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग योजना का आउटले बढ़ाकर ₹40,000 करोड़।
🕒 बजट 2026: प्रमुख highlights
- बजट युवाशक्ति से प्रेरित और तीन कर्तव्यों द्वारा निर्देशित।
- ₹10,000 करोड़ की बायोफार्मा शक्ति पहल।
- India Semiconductor Mission (ISM 2.0) की शुरुआत।
🕒 बजट 2026: प्रमुख अधिकारी
- अनुराधा ठाकुर – सचिव, आर्थिक कार्य विभाग
- अरविंद श्रीवास्तव – राजस्व सचिव
- वुमलुनमांग वुअलनाम – व्यय सचिव
- एम. नागराजु – वित्तीय सेवा सचिव
- अरुणिश चावला – सचिव, DIPAM
- के. मोसेस चलई – सचिव, सार्वजनिक उद्यम विभाग
- वी. अनंत नागेश्वरन – मुख्य आर्थिक सलाहकार
बजट 2026 का फोकस है —
कर सरलीकरण, निवेशकों का भरोसा, समावेशी विकास, हरित परिवहन, डिजिटल लीडरशिप, स्वास्थ्य विस्तार और भविष्य-उन्मुख शिक्षा, जो विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप है।
